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Aug 19, 2016

KUSHTI WRESTLING: Chhatikara Dangal, Organized By Lokender Pahlwan

By Deepak Ansuia Prasad












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छटीकरा दंगल , मथुरा वृंदावन , सौजन्य से लोकेंद्र पहलवान।
राधे राधे।
मथुरा बृंदाबन को ब्रजभूमि भी कहा जाता हैं। यहीं भगवान् श्रीकृष्ण की जन्मभूमि भी हैं। ब्रजभूमि में अनेकों अखाड़े हैं। और तीज त्योहारों पर कुश्ती दंगलों का आयोजन होता रहता हैं। ऐसा ही एक भव्य कुश्ती दंगल गाँव छटीकरा मथुरा में संपन्न हुआ। इसी गाँव के लोकेंद्र पहलवान ने एक विशाल कुश्ती दंगल कराया। जिसमे कुश्तियां इस प्रकार रही।
पहली कुश्ती के लिए भारत केसरी नवीन पहलवान व् भारत केसरी सोनू पहलवान के हाथ मिले। दंगल कमिटी के सदस्यों ने मुख्य अतिथि के साथ अखाड़े पर आकर दोनों पहलवानो के हाथ मिलाकर कुश्ती का शुभारम्भ किया। छः लाख रूपये नकद इनाम के लिए लड़ी गई इस कुश्ती का नजारा देखने लायक था। पचीस मिनट चली कुश्ती में नवीन मोर सोनू पहलवान पर भारी पड़े। लेकिन कुश्ती का फैसला न हो सका और कुश्ती बराबरी पर छुटी।
एक अन्य शानदार कुश्ती हुई देवा पहलवान व् हरयाणा के कुलदीप पहलवान के बीच। देवा एक बेहतरीन पहलवान हैं। मथुरा वृन्दावन में हीरो हैं देवा पहलवान। उनकी कुश्ती देखने के लिए दंगल में उपस्थित लोगों के मन में बहुत उत्सुकता थी। और देवा पहलवान ने भी उन्हें निराष नहीं किया। अपने से लंबे तगड़े पहलवान का देवा ने डट कर मुकाबला किया ये कुश्ती भी बराबर रही।
अन्य कुश्तियों में फिरे नागर और धर्मबीर पहलवान भूतेश्वर अखाडा के बीच भी शानदार कुश्ती हुई। , चित्रा और बिक्रम पहलवान भी बराबरी पर छूटे। संजय पहलवान ने शानदार कुश्ती जीती। बृजकेसरी हनुमान व् सुभाष पहलवान भी बढ़िया कुश्ती लड़े व् बराबरी पर रहे। अजरुद्दीन। कलुवा पहलवान , ने शानदार कुश्ती जीती। बाल पहलवानो ने भी बढ़िया कुश्तियां दिखाई।
परम्परा के अनुसार सभी गुरु खलीफाओं व् गणमान्य व्यक्तीयों को पटका भेंट कर स्वागत किया गया।


ENGLISH VERSION


Naveen Mor appeared in the best shape he’s ever been in as he battled Sonu Pahlwan for the first prize of Rs. 600000/- in the main event of a great dangal in the village of Chhatikara.

Naveen, an international wrestler who has won three consecutive gold medals at the World Police Games, controlled Sonu for most of the match. Sonu, however, is a very tough wrestler and defended well against most of Naveen’s attacks. In the end, neither Naveen, of Padamshree, Dronacharya Guru Hanuman Akhada, and Sonu, of Mandoti Village in Haryana, could secure a fall, and the match was declared a draw.

The dangal, which was held on 11 August, was organized by Lokender Pahlwan on the occasion of Teej festival. Mathura Brindaban, where the village of Chhitikara is located, is also called Brajbhumi, meaning the birthplace of Lord Krishna. Wrestling is very popular in the area as can be seen by the large number of wrestling schools.

Another impressive bout was between Deva Pahlwan of Buteshwar Akhada, Mathura, and Kuldeep of Leelu Pahlwan, Ladpur Akhada. Deva is a local hero and despited being lighter and shorter than Kuldeep, managed to hold his own in the Rs. 100000/- match.
Other matches were between Fire Nagar and Dharmbeer, Chitra and Bikram, Braj Kesari Subhash and Braj Kesari Hanuman. All ended in draws.

Ajruddin and Kalua Pahlwan won their matches. Many younger wrestlers also had the chance to compete.

As the tradition goes, the dignitaries and wrestling gurus and coaches were felicitated and given some cash.


Jul 23, 2016

Kushti Dangal Organized by Hind Kesri Vikram Pahalwan at Village Aali

By Deepak Ansuia Prasad








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10th July, 2017
Kushti Dangal -Village Aali
Organised by Hind Kesri Vikram Pahlwan.

दक्षिण दिल्ली कभी पहलवानो , कुश्ती और दंगल के लिए बहुत जाना जाता था, तुग़लकाबाद गाँव , तेहखण्ड , गढ़ी , कोटला , पिलंजी , तैमूर नगर , ओखला , हरकेश नगर , जसोला , मदनपुर जैसे अनेकों गाँवों में खूब कुश्ती दंगल देखने को मिलते लेकिन आज यहाँ के गाँवों में कुश्ती की परंपरा अब पहले जैसी नहीं रही , हाँ आली और उसके आस पास के क्षेत्रों में विक्रम पहलवान की बदौलत आज भी यह प्राचीन परंपरा पहले जैसी ही बरकरार हैं और उम्मीद हैं लम्बे समय तक लोग यहाँ विक्रम पहलवान को फॉलो करते रहेंगे। विक्रम पहलवान ने अपने , अपने परिवार और गाँव वालों के लिए बहुत कुछ अर्जित किया हैं। और पूरे गाँव को उन पर गर्व हैं। साधारण परिवार में जन्म लेकर भी विक्रम पहलवान ने हार नहीं मानी , उन्होंने अपनी मुश्किलों और अपने प्रतिद्वंदियों को हरा कर दिखलाया और एक दिन हिन्द केसरी का खिताब हासिल किया। आज विक्रम पहलवान एक छुट्टी के बड़े पहलवान , बॉलीवुड अभिनेता और कुश्ती प्रमोटर हैं। अपने गाँव आली में उनके द्वारा संपन्न कराया गया दंगल निश्चित तौर पर एक भव्य और सफल आयोजन रहा।

कुश्ती दंगल में सैकड़ों पहलवानो ने भाग लिया जिसमे हरयाणा और उत्तर प्रदेश के पहलवानो ने भी भाग लिया। दंगल की पहली कुश्ती विक्रम पहलवान हिन्द केसरी और हितेश पहलवान हिन्द केसरी के बीच हुई। जो लगभग बारह मिनट तक चलने के बाद बराबर रही। दूसरी कुश्ती में ललित पहलवान गुरु जसराम ने सेना के एक पहलवान को हराया। दंगल की तीसरी कुश्ती जीतू पहलवान व हरिओम पहलवान मथुरा के बीच बराबर रही। इसी प्रकार आज़ाद पहलवान , नीरज , काला पहलवान ने भी बढ़िया कुश्तियां दिखाए। ,

दंगल में गुरु प्रकाश लखनावली , होते खलीफा , अशोक कोच , पदम पंवार , रजिंदर रेलवे , आज़ाद पहलवान , राजिंदर पहलवान घिटोरनी , सुनील नेगी भाई , विश्वाश पहलवान , जर्मनी से मेरे एक मित्र बेंज , व अन्य कई गणमान्य व्यक्तियों ने स्थान ग्रहण कर दंगल की शोभा बधाई। सभी गुरु खलीफाओं व कुश्ती से जुडी हस्तियों का विक्रम पहलवान ने पगड़ी पहना कर व फूल माला पहना कर व शाल भेंट कर स्वागत किया।


विक्रम पहलवान व उनके साथी धर्मेंदर पहलवान , मोनू व कई अन्य पहलवानो ने सलमान खान स्टारिंग "सुल्तान" फिल्म में भी काम किया। इससे पहले वह और उनकी टीम बजरंगी भाई जान में भी काम कर चुकी हैं। उनकी टीम के प्रदर्शन को यहाँ काफी सराहना मिली। विक्रम पहलवान व उनकी टीम को फिल्म में देखने के लिए पूरी दिल्ली के पहलवानो में अच्छा खास उत्साह था। जिसे कई न्यूज़ चैनलों व ऍफ़ एम रेडिओ व इंटरनेट न्यूज़ ने कवर कर के दिखाया। विक्रम पहलवान ने यूँ तो बॉलीवुड में अच्छी खासी पैठ बना ली हैं , लेकिन उनका कहना हैं की उन्हें अपनी पसंद का काम अभी तक नहीं मिला हैं। मुझे उम्मीद हैं विक्रम पहलवान अपने इस लक्ष्य को भी पा लेंगे। उनके अंदर


ENGLISH VERSION



The villages of south Delhi were once famous for pahalwans, kushti and dangals, but many of them have turned away from their cultural heritage.

In Village Aali, though, kushti is prospering because of Vikram Pahalwan.

Vikram Pahalwan is the pride of village Aali. Born in a simple family he was a tenacious fighter in both the akhada and in life.

He became Hind Kesri and won the best wrestler title of India. He is now a Hind Kesri Wrestler, an actor and a kushti promoter.

Recently he organised a big wrestling competition in his village, which was a great success.

Many wrestlers from Haryana, Uttar Pradesh, Rajasthan and Delhi took part.

The first prize match was between Vikram Pahlwan himself and Hitesh Pahlwan of Haryana. The match stretched for 12 minutes it was declared a draw.

In on second prize match, Lalit of Guru Jasram akhada defeated a wrestler from armed forces. In another, Jeetu Pahalwan fought to a draw against Hariom of Mathura.

Neeraj, Azad, Monu and Kala Pahalwan all won great matches.

Guru Prakash Pahlwan Lakhnawali , Rajinder Pahlwan Ghitorni, Hote Khalifa, Ashok Coach, Padam Panwar, Rajinder Railway, Azad Pahlwan, Sunil Negi Bhai, Vishwar Pahlwan, a friend of mine from Germany and many other great personalities attended the dangal.

Vikram Pahlwan welcomed the dignitaries and presented them with shawls and Pagadi.

Vikram Pahlwan and his team worked in a recent Bollywood Movie called "Sultan". They earlier played roles in Bajarangi Bhaijan.

Vikram Pahlwan is not new to Bollywood now and he says he wants to further pursue an acting career. Anyone in the film industry who would like to contact him can email me about it.